देहरादून। राजधानी देहरादून की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत व्यावसायिक भवनों की पार्किंग अब हर हाल में वाहनों की पार्किंग के लिए खाली रखनी अनिवार्य कर दी गई है। यदि कोई भवन स्वामी या संचालक इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त एनफोर्समेंट कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में दिए गए। बैठक में जिला प्रशासन देहरादून और विभिन्न विभागों की ओर से शहर के मोबिलिटी प्लान की प्रगति और आगे की योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैठक में शहर के ट्रैफिक और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों और भविष्य की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर की भीड़भाड़ और अव्यवस्था को दूर करने के लिए पार्किंग स्थलों का प्रभावी उपयोग और यातायात नियंत्रण की दिशा में कई योजनाएं बनाई गई हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त नमामि बंसल, अपर सचिव विनीत कुमार, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए और नियमों के उल्लंघन पर कोई भी ढील न दी जाए। यह निर्णय देहरादून को एक सुव्यवस्थित और गतिशील शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
