उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर।
ऊधमसिंह नगर। जिले में सड़क हादसों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुए पांच अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की जान चली गई। इन दर्दनाक दुर्घटनाओं में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। इसके अलावा इन हादसों में दो बच्चियों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
सबसे बड़ा हादसा काशीपुर-जसपुर मार्ग पर कुंडा थाना क्षेत्र में हुआ, जहां एक बेकाबू कैंटर और ई-रिक्शा की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में ई-रिक्शा सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के सदस्य शामिल थे जो रामनगर से एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इस घटना ने एक हंसते-खेते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जिले के अन्य हिस्सों जैसे किच्छा, गदरपुर और सिडकुल चौक के पास भी रफ्तार का कहर देखने को मिला। किच्छा के पुलभट्टा हाईवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि गदरपुर में डंपर की चपेट में आने से एक ई-रिक्शा चालक ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिडकुल क्षेत्र में भी अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में स्कूटी सवार और पैदल चल रहे राहगीर वाहन की टक्कर का शिकार बन गए। पुलिस ने सभी मामलों में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन चालकों की तलाश शुरू कर दी है।
लगातार हो रही इन सड़क दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण मासूम लोगों की जान जा रही है। प्रशासन और पुलिस विभाग को अब इन हादसों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। वाहन चालकों को भी यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए ताकि सड़क पर इस तरह की अनहोनी को रोका जा सके।
