पौड़ी से पूर्व विधायक यशपाल बेनाम ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। ठीक 8 साल बाद उनके इस फैसले से उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा मोड़ सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पौड़ी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। ठीक आठ साल बाद पार्टी को अलविदा कहने के उनके इस अचानक फैसले से पूरे राज्य में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
यशपाल बेनाम ने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त वीडियो संदेश जारी कर अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान किया। इस वीडियो में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार करने का अनुरोध किया है। हालांकि बेनाम ने अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है और किसी पर सीधा आरोप नहीं लगाया है, लेकिन राजनीतिक पंडित इसके पीछे पार्टी के भीतर की खींचतान मान रहे हैं।
इस इस्तीफे में एक दिलचस्प और अनोखा राजनीतिक संयोग भी देखने को मिला है। यशपाल बेनाम ठीक आठ साल पहले 18 अक्टूबर 2018 को भाजपा में शामिल हुए थे और ठीक आठ साल बाद 18 अक्टूबर 2026 को उन्होंने पार्टी छोड़ दी। उनके समर्थकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर लगातार बन रहे दबाव और असहज स्थिति के चलते उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है।
बेनाम के राजनीतिक करियर में सबसे बड़ा विवाद मई 2023 में आया था, जब उनकी बेटी के विवाह को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। बेटी का विवाह एक अन्य समुदाय के युवक से तय होने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों ने तीखा विरोध किया था।