उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के विवाद में 200 करोड़ की संपत्ति और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से राजनीति गरमा गई है।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में इस समय भूचाल आया हुआ है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच उपजा पारिवारिक और राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने प्रदेश के सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद से राज्य की राजनीति गरमा गई है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति पर मारपीट, उत्पीड़न और जान से मारने की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। इस बीच, पति गिरधारी लाल साहू ने भी पलटवार करते हुए मंत्री पत्नी पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा दिए। साहू के इन दावों ने इस पूरे प्रकरण को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति के पास इतनी बड़ी संपत्ति होना और इस तरह के आरोप लगना बेहद चौंकाने वाला है। रावत ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी या सीबीआई द्वारा कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, मंत्री रेखा आर्या ने अपने ऊपर लगे सभी भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। राज्य प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।