उत्तर प्रदेश
गोरे बच्चे के लिए नेपाली लड़कियों का सौदा: यूपी बॉर्डर पर मानव तस्करी का नया खुलासा
गोरे बच्चे की चाह में भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली लड़कियों की खरीद-फरोख्त का काला कारोबार। 1 करोड़ के इस खतरनाक खेल का दैनिक भास्कर ने किया पर्दाफाश।
लखनऊ। भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों में मानव तस्करी का एक बेहद चिंताजनक और खतरनाक रूप सामने आया है। गोरे बच्चे की चाह रखने वाले बेऔलाद दंपतियों को निशाना बनाकर दलालों का गिरोह नेपाली लड़कियों का सौदा कर रहा है। इस काले कारोबार में बिना शादी के बच्चा पैदा कराने के नाम पर निसंतान जोड़ों से भारी-भरकम रकम वसूली जाती है। यह गिरोह गरीब और जरूरतमंद नेपाली युवतियों को पैसों का लालच देकर इस अवैध दलदल में धकेल रहा है।
दैनिक भास्कर की विशेष ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन के अनुसार, इस पूरे सौदे की कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये तक तय की जाती है। इस बड़ी रकम में से दलाल मोटी कमाई करते हैं, जबकि गर्भधारण करने वाली नेपाली युवती को केवल 20 से 25 लाख रुपये ही दिए जाते हैं। मेडिकल प्रक्रियाओं यानी IVF के महंगे और अनिश्चित विकल्पों से बचने के लिए कई अमीर दंपती इस अवैध और गैर-कानूनी रास्ते का सहारा ले रहे हैं।
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद संगठित और गुप्त है। दलाल नेपाल के सीमावर्ती और दूरदराज ग्रामीण इलाकों से गरीब लड़कियों की पहचान करते हैं। इसके बाद फर्जी कागजातों या धोखे से उन्हें यूपी के विभिन्न शहरों में लाया जाता है। यहां उन्हें लगभग एक से डेढ़ साल तक गुप्त स्थानों पर रखा जाता है। बच्चा पैदा होने के तुरंत बाद नवजात को दंपती को सौंप दिया जाता है और युवती को वापस नेपाल भेज दिया जाता है।
इस अवैध नेटवर्क में शामिल लड़कियां मुख्य रूप से बेहद गरीब और आर्थिक रूप से मजबूर परिवारों से आती हैं। दलाल उनकी गरीबी और अशिक्षा का फायदा उठाकर उन्हें पैसों का झांसा देते हैं। कानूनी सुरक्षा न होने के कारण इन युवतियों का शारीरिक और मानसिक शोषण भी होता है। दैनिक भास्कर द्वारा इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किए जाने के बाद अब सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
