खेल
राइंका पतलोट के बच्चो ने वाद-विवाद स्पर्धा में रचा इतिहास
लगातार तीसरी बार राज्य में अव्वल
नैनीताल जिले का दबदबा प्रदेश में कायम
भीमताल(नैनीताल)। उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित वार्षिक संस्कृत स्पर्धाओं में इस वर्ष भी नैनीताल जनपद का दबदबा कायम रहा। अटल उत्कृष्ट एसबीएसएम राइका पतलोट ने वाद-विवाद बौद्धिक स्पर्धा में लगातार तीसरी बार राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पूर्व भी इस प्रतियोगिता मे द्वितीय स्थान प्राप्त किया, वही प्रदेश मे अभी तक चार बार परचम लहरा चुके है।
इस वर्ष वाद-विवाद स्पर्धा का विषय “छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की आवश्यकता” निर्धारित था। इण्टर कॉलेज पतलोट के कक्षा 11 के छात्र गुड्डू रुवाली और चन्दू त्रिपाठी ने मार्गदर्शक शिक्षक डा. हेमन्त कुमार जोशी के निर्देशन में पहले खण्ड स्तर, फिर जनपद स्तर और अंततः राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में तेरह जनपदों के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दोनों छात्रों ने इससे पूर्व कनिष्ठ वर्ग की वाद-विवाद स्पर्धा में भी लगातार दो बार राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी।
समूहगान स्पर्धा में हल्द्वानी के केवीएम पब्लिक स्कूल ने मार्गदर्शक अजय जी के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं ओखलकाण्डा विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज पश्यां की छात्रा दीपिका परगांई ने मार्गदर्शक शिक्षक राजेश चन्द्र पोखरिया के निर्देशन में आशु भाषण स्पर्धा में राज्य में पहला स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा निदेशक कंचन देवरांगी, कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, विधायक आदेश चौहान, सचिव प्रो. मनोज कुमार पंत सहित अन्य अतिथियों ने विजेता प्रतिभागियों एवं दल शिक्षकों को नगद पुरस्कार, प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
वरिष्ठ वर्ग की छह स्पर्धाओं में से तीन में नैनीताल जनपद के विजेता रहने पर जनपद को चल वैजयन्ती पुरस्कार शील्ड भी प्रदान की गई।
मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल गोविन्द राम जायसवाल ने सभी विजेता छात्रों और मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
