कोटद्वार
कोटद्वार में नकली दवाओं की अवैध फैक्टरी सील, मालिक विशद कुमार पर केस
उत्तराखंड एसटीएफ ने कोटद्वार की मैसर्स नैक्टर हर्ब्स फैक्टरी को सील किया। मालिक विशद कुमार की फैक्टरी में कोरोनाकाल में नकली रेमडेसिविर बनी थी।
देहरादून। उत्तराखंड को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए एसटीएफ का “ऑपरेशन फेक पिल” लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान’ के तहत स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कोटद्वार के सिडकुल सिगड्डी स्थित ‘मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स’ फैक्टरी को सील कर दिया है। यह इस माफिया नेटवर्क पर 24 घंटे के भीतर एसटीएफ की दूसरी बड़ी चोट है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अवैध फैक्टरी का मालिक विशद कुमार है। वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। इस फर्म का औषधि निर्माण लाइसेंस साल 2024 में ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद आरोपी विशद कुमार फैक्टरी के भीतर धड़ल्ले से अवैध रूप से दवाओं का निर्माण करवा रहा था।
एसटीएफ, औषधि विभाग और राजस्व टीम की संयुक्त छापेमारी में मौके से भारी मात्रा में उपकरण बरामद हुए हैं। टीम ने परिसर से करीब तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और दवा बनाने वाले 34 पंच उपकरण जब्त किए हैं। यह फैक्टरी ब्रांडेड कंपनियों की जीवन रक्षक दवाओं की हूबहू नकली कॉपियां तैयार कर उन्हें ऑनलाइन बाजार में ऊंचे दामों पर बेचती थी।
इस फैक्टरी का पुराना आपराधिक इतिहास बेहद चौंकाने वाला रहा है। साल 2021 में कोरोना काल के दौरान इसी फैक्टरी पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के संगीन आरोप लगे थे। इसके बाद साल 2024 में तेलंगाना पुलिस ने भी यहाँ छापा मारकर नकली दवाओं का बड़ा जखीरा और रैपर बरामद किए थे। यह गिरोह लंबे समय से मानव जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) ने आम जनता से अपील की है कि वे दवाइयां हमेशा अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। इसके साथ ही उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए आधिकारिक मोबाइल नंबर (9412029536) भी जारी किया है। पुलिस ने साफ किया है कि सूचना देने वाले नागरिक का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
