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ओखलकांडा के गलनी गांव में रैबीज का कहर, एक व्यक्ति सहित चार गायों की मौत

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ओखलकांडा के गलनी गांव में रैबीज का कहर,

एक व्यक्ति सहित चार गायों की मौत से फैला संक्रमण,

गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल

धानाचूली। नैनीताल जिले के दूरस्थ ब्लॉक ओखलकांडा के गलनी गांव में रैबीज ने भयावह रूप ले लिया है। आवारा कुत्तों से फैले संक्रमण के चलते गांव के 42 वर्षीय भैरव दत्त पड़लिया की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार गायें भी इस बीमारी की चपेट में आकर मर चुकी हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि एक संक्रमित गाय का शव बुधवार शाम तक तहसील परिसर खनस्यु में ही पड़ा रहा, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, भैरव दत्त पड़लिया को बीते सितंबर माह में एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उन्होंने इसे सामान्य समझते हुए टीकाकरण नहीं करवाया, लेकिन कुछ ही दिनों में उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे तीन नाबालिग बच्चों और परिवार को छोड़ गए हैं।

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भैरव के भाई हेमचंद्र पड़लिया, जो वर्तमान में हल्द्वानी तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो हैं, ने बताया कि पहले भैरव को यूरिनल इन्फेक्शन हुआ था और वे निजी अस्पताल में भर्ती थे। बाद में लक्षण गंभीर होने पर उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां रैबीज संक्रमण की पुष्टि हुई।

ग्राम प्रधान भवानी बर्गली और उनके पति व व्यापार मंडल अध्यक्ष राजू बर्गली ने बताया कि गांव में 20 से अधिक आवारा कुत्ते खुलेआम घूम रहे हैं, जिनमें कई संदिग्ध रूप से संक्रमित हैं। इन कुत्तों ने अब तक कई मवेशियों को काटकर घायल किया है, जिनमें चार की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते आज एक व्यक्ति की जान चली गई।

प्रधान भवानी बर्गली ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मांग की कि गांव के सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच तत्काल करवाई जाए, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए, और संक्रमित कुत्तों की धरपकड़ कर उनका परीक्षण किया जाए।

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भय का आलम यह है कि गांव में दो दिनों से बाजार बंद है और स्कूली बच्चों व महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने तहसील परिसर में पड़े मृत मवेशी के शव को तत्काल हटाने की मांग की है ताकि संक्रमण न फैले।

इस बीच, सीएमओ डॉ. हरीश चंद्र पंत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉ. मनोज कांडपाल के नेतृत्व में खनस्यु भेजी गई है। टीम गांव पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच कर रही है और संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गलनी गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की धरपकड़ अभियान तुरंत शुरू किया जाए, ताकि किसी और की जान जाने से बचाई जा सके।

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