उत्तर प्रदेश
मुरादाबाद के पीएम श्री स्कूलों में बड़ा फर्नीचर घोटाला, RTI में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
मुरादाबाद के पीएम श्री स्कूलों में कंप्यूटर लैब फर्नीचर खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया है। RTI खुलासे के बाद लोकायुक्त से पूर्व BSA विमलेश कुमार की शिकायत की गई है।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद से शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ के पीएम श्री स्कूलों (PM Shri School Scam) में कंप्यूटर लैब के लिए फर्नीचर की खरीद में करोड़ों रुपये के हेरफेर और घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा लगाई गई आरटीआई (RTI) के जवाब में इस पूरे खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद से ही जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल, महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश के द्वारा दिनांक 5 मार्च 2026 को समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के सभी जनपदों में चयनित हुए पीएम श्री स्कूलों में कंप्यूटर लैब की मेज और कुर्सी खरीदने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए सरकार की तरफ से 1 लाख 86 हजार रुपये प्रति स्कूल की दर से बजट भी जारी किया गया था। शासन का साफ निर्देश था कि यह खरीदारी तय मानकों और उचित टेंडर प्रक्रिया के अनुसार ही की जानी चाहिए।
नियमों को ताक पर रखकर जनपद मुरादाबाद के पूर्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) विमलेश कुमार और उनके कार्यालय के जिम्मेदार लोगों ने पूरे जिले में सेंट्रल परचेजिंग का खेल खेल दिया। आरोप है कि बिना किसी टेंडर या उचित विधिक प्रक्रिया को अपनाए, स्कूल के शिक्षकों पर अनुचित दबाव बनाया गया। इसके बाद ‘क्वालिटी ट्रेडर्स’ नाम की महज एक ही फर्म से पूरे जिले के स्कूलों के लिए फर्नीचर की अवैध खरीदारी करवा दी गई।
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी मानक के ही बेहद घटिया दर्जे का फर्नीचर स्कूलों में सप्लाई कर दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक गौड़ द्वारा मंगवाई गई जनसूचना (RTI) में जब इस भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा खुला, तो उन्होंने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने इस फर्नीचर खरीद घोटाले के खिलाफ लोकायुक्त उत्तर प्रदेश को एक औपचारिक शिकायती पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाए जाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सेंट्रल परचेजिंग घोटाले से जुड़ी फर्म ‘क्वालिटी ट्रेडर्स’ दरअसल बीएसए ऑफिस के ही एक रसूखदार कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार की है। मुरादाबाद बीएसए ऑफिस सहित जनपद के अधिकांश ब्लॉकों में लंबे समय से इसी चहेती फर्म से सामग्री का क्रय होता आ रहा है, जो अपने आप में एक बड़े सिंडिकेट और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। अब जब यह मामला पूरी तरह खुल चुका है, तो देखना होगा कि शासन स्तर पर इस पर क्या कार्रवाई होती है।
