उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षकों के लिए किए 5 बड़े वादे
गुरु पूर्णिमा पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने शिक्षकों को तदर्थ प्रमोशन, तबादला सुविधा और चतुर्थ श्रेणी भर्ती का अधिकार देने समेत 5 बड़े वादे किए।
देहरादून। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राजकीय शिक्षकों के हित में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने 10 साल से अधिक की सेवा पूरी कर चुके सभी शिक्षकों को तबादले की सुविधा देने समेत पांच प्रमुख वादे किए। देहरादून के ननूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी (SCERT) सभागार में आयोजित राजकीय शिक्षक संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में वे बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं का निस्तारण करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि लगभग 3000 एलटी शिक्षकों के प्रवक्ता कैडर में प्रमोशन का प्रस्ताव लोक सेवा आयोग को भेजा जा रहा है। यदि लोक सेवा आयोग से प्रक्रिया में देरी होती है, तो सरकार शिक्षकों को अंतरिम राहत देने के लिए तदर्थ (Ad-hoc) प्रमोशन की सुविधा पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक (गैर-शिक्षणेत्तर) कार्यों का बोझ कम करने का आश्वासन दिया। उन्होंने विद्यालयों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए प्रधानाचार्यों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार देने और ‘डायट’ के माध्यम से सरकारी व प्राइवेट दोनों श्रेणियों के शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने की बात कही। साथ ही, उन्होंने एससीईआरटी में एक नया और बड़ा सभागार बनाने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती शुरू करने की बात भी दोहराई।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने अध्यक्ष रविंद्र राणा, महामंत्री डॉ. अंकित जोशी समेत नवनियुक्त पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष रविंद्र राणा ने शिक्षकों के प्रमोशन, अंतरमंडलीय तबादले और चयन-प्रोन्नत वेतनमान जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से शिक्षक प्रतिनिधियों की बात को गंभीरता से सुनने और समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने का आग्रह किया।
