MBPG कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय आर्यन बेलवाल ने 466 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ABVP का टिकट कटने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे आर्यन ने रचा इतिहास।
हल्द्वानी। हल्द्वानी के मोती राम बाबू राम स्नातकोत्तर (MBPG) डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में इस बार बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद आए नतीजों ने सभी राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल ने अध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। आर्यन को कुल 1,723 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रत्याशी मेहुल शाह को 466 मतों के अंतर से पराजित किया। मेहुल शाह को 1,257 वोट मिले, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के धीरज बिष्ट 988 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

आर्यन बेलवाल की यह जीत बेहद खास मानी जा रही है। आर्यन पिछले चार वर्षों से छात्रसंघ चुनाव की तैयारी में जुटे हुए थे। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले ABVP से टिकट कटने के कारण उन्हें संगठन से नाराजगी थी। इसके बाद उन्होंने पीछे हटने के बजाय निर्दलीय मैदान में उतरने का बड़ा फैसला लिया। मतगणना के पहले चरण से ही आर्यन ने अपनी मजबूत बढ़त बनाए रखी। उन्होंने अंतिम चरण तक इस बढ़त को कायम रखा और कॉलेज परिसर में अपना परचम लहराया।
चुनाव परिणाम सामने आते ही एमबीपीजी कॉलेज परिसर में आर्यन बेलवाल के समर्थकों ने जश्न मनाया। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ परिसर में जुलूस निकाला। एबीवीपी और एनएसयूआई जैसे स्थापित छात्र संगठनों के अधिकृत प्रत्याशियों को मात देकर निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा मिली इस जीत ने छात्र राजनीति में नए समीकरण स्थापित किए हैं।
जीत के बाद आर्यन बेलवाल को समर्थकों, छात्रों और शुभचिंतकों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय कॉलेज के आम छात्रों के विश्वास और चार साल के निरंतर संघर्ष को दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर की समस्याओं को हल करना और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना ही उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी।