हल्द्वानी
एमबीपीजी छात्रसंघ चुनाव: नामांकन संग बिगुल बजा, त्रिकोणीय हुआ मुकाबला
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की नामांकन प्रक्रिया पूरी। एबीवीपी, एनएसयूआई और बागी निर्दलीय प्रत्याशी के बीच अध्यक्ष पद पर जोरदार टक्कर।
हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में छात्र राजनीति के सबसे बड़े केंद्र, हल्द्वानी स्थित मोती राम बाबू राम (एमबीपीजी) राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल पूरी तरह से बज चुका है। शुक्रवार को महाविद्यालय में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पर्चा दाखिल करने के साथ ही सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने समर्थकों के साथ कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए जीत का दावा ठोका है।
इस बार एमबीपीजी के चुनावी दंगल में अध्यक्ष पद की लड़ाई बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय नजर आ रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से धीरज बिष्ट चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जबकि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने मेहुल शाह पर अपना दांव खेला है। वहीं, एबीवीपी से टिकट न मिलने पर बागी होकर मैदान में उतरे पूर्व इकाई अध्यक्ष आर्यन बेलवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरकर प्रमुख संगठनों का गणित उलझा दिया है।
करीब 12 हजार मतदाताओं वाले इस महाविद्यालय में छात्रसंघ का चुनाव केवल एक डिग्री कॉलेज की सत्ता हासिल करने का जरिया नहीं है। इसे पूरे कुमाऊं क्षेत्र की भावी छात्र और मुख्यधारा की राजनीति की दिशा तय करने वाली नर्सरी के रूप में देखा जाता है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कॉलेज प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहा। लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन कराते हुए परिसर के भीतर हुड़दंग और बाहरी भीड़ के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी रखी गई।
अब सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक पंडितों की निगाहें 29 सितंबर को होने वाले मतदान पर टिक गई हैं। आगामी 29 सितंबर को हजारों छात्र-छात्राएं बैलेट बॉक्स के जरिए एमबीपीजी कॉलेज की नई छात्रसंघ सरकार का फैसला करेंगे। नामांकन के पहले ही दिन से जिस तरह का उत्साह और गहमागहमी देखने को मिल रही है, उससे साफ है कि चुनाव की तारीख तक हल्द्वानी का सियासी पारा चरम पर बना रहेगा।
