कोटद्वार
पौड़ी के पोखड़ा में बाल विवाह की कोशिश नाकाम, 1098 की सतर्कता से बची मासूम
पौड़ी गढ़वाल के पोखड़ा ब्लॉक में प्रशासन ने समय रहते रुकवाया बाल विवाह। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस की संयुक्त टीम ने नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
कोटद्वार: जनपद पौड़ी गढ़वाल के अंतर्गत विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में प्रशासन की मुस्तैदी से एक नाबालिग का भविष्य बर्बाद होने से बच गया। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जिला बाल संरक्षण इकाई और पुलिस की संयुक्त टीम ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए एक प्रस्तावित बाल विवाह को विफल कर दिया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद क्षेत्र में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता की चर्चा हो रही है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार के अनुसार, 9 मई 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन पर बाल विवाह की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्रा बिडालिया के निर्देशों पर पुलिस और संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया और पाया कि एक नाबालिग बालिका का विवाह संपन्न कराया जा रहा था।
प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही कानूनी कार्रवाई करते हुए विवाह की रस्मों को रुकवा दिया। बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे सुरक्षित पुनर्वास केंद्र भेज दिया गया है। वर्तमान में बालिका को विशेषज्ञ परामर्श (Counseling) और आवश्यक मानसिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है ताकि वह इस मानसिक दबाव से बाहर आ सके।
जिला परिवीक्षा अधिकारी ने बताया कि हाल ही में जनपद में चलाए गए बाल विवाह रोकथाम अभियान का असर धरातल पर दिखने लगा है। जागरूक नागरिकों द्वारा सही समय पर दी गई सूचना ने ही इस कार्रवाई को सफल बनाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसमें शामिल होने वाले सभी पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि समाज में कहीं भी इस तरह की कुप्रथा की जानकारी मिले, तो तुरंत 1098 नंबर पर सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस कार्रवाई से न केवल एक बालिका का बचपन बचा है, बल्कि समाज को भी एक कड़ा संदेश गया है।
