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कोटद्वार

अपनों के बीच ‘दादा’ बने योगी: पंचूर में बच्चों को खिलाई चॉकलेट और चखा कंडाली का साग

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सीएम योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर के दो दिवसीय दौरे पर रहे। जानें कैसे उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और अपनी पुरानी यादों को ताजा किया।

ऋषिकेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड के यमकेश्वर स्थित पैतृक गांव पंचूर पहुंचे। सत्ता की चकाचौंध से दूर, योगी यहाँ एक बेटे और बड़े बुजुर्ग की भूमिका में नजर आए। शनिवार को भ्रमण के दौरान उन्होंने गांव के बच्चों को दुलार किया और उन्हें गोद में उठाकर चॉकलेट बांटी। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने आत्मीयता से कहा, “हम भी तेरे दादा लगते हैं”।
स्थानीय संस्कृति और खान-पान से जुड़ाव
पंचूर में सुबह के समय योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कृषि, पशुपालन और बागवानी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा किए और योगी ने उन्हें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। विशेष बात यह रही कि उन्होंने उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन ‘कंडाली का साग’ का आनंद लिया, जो उनकी सादगी को दर्शाता है।
साधारण पृष्ठभूमि से सत्ता के शिखर तक
योगी आदित्यनाथ का यह दौरा उनके संघर्षपूर्ण जीवन की यादें ताजा कर गया। पंचूर के प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुआ उनका सफर आज देश के सबसे बड़े राज्य के नेतृत्व तक पहुँचा है। उन्होंने बिथ्याणी, चमकोटखाल, और ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज जैसी संस्थाओं से शिक्षा प्राप्त की। कोटद्वार महाविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल करना उनकी कठिन परिस्थितियों में दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
जनता के बीच आकर्षण का केंद्र
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने के लिए ग्रामीणों और युवाओं का तांता लगा रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद योगी ने लोगों को निराश नहीं किया। उनका यह दौरा संदेश देता है कि राजनीति में साधारण पृष्ठभूमि और जनता से सीधा जुड़ाव ही सबसे बड़ी शक्ति है। लोग उनकी सहजता और बच्चों के प्रति प्रेम को देखकर भावुक नजर आए।

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