नई दिल्ली
उत्तराखंड एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठग गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
उत्तराखंड एसटीएफ ने लोन और नौकरी के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले दो अंतरराज्यीय ठगों को देहरादून से गिरफ्तार किया। पूरी खबर पढ़ें।
देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी आम लोगों को नौकरी और आसान लोन दिलाने का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के पैसे खपाने में करते थे।
एसटीएफ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आई4सी के एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर इंडसइंड बैंक के एक संदिग्ध खाते की पड़ताल की गई। जांच में खुलासा हुआ कि इस खाते का उपयोग देशभर में कई ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं में किया जा रहा था। इसके बाद सटीक डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर आशारोड़ी चेकपोस्ट पर राजस्थान नंबर की एक स्कॉर्पियो कार को रोककर दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान राहुल मोहम्मद (निवासी डींग, राजस्थान) और शिवांश उपाध्याय (निवासी गोरखपुर, हाल निवासी लखनऊ) के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, पांच इंडसइंड बैंक की पासबुक व चेकबुक किट, एक पहचान पत्र (आधार कार्ड) और 15 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। दोनों आरोपी कार में सवार होकर फर्जीवाड़े के काम को अंजाम दे रहे थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने पूरे मॉडल का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्राइवेट नौकरियों और बिना गारंटी आसान लोन देने के लुभावने विज्ञापन चलाते थे। जब जरूरतमंद लोग उनसे संपर्क करते थे, तो आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से उनके दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवा लेते थे। इन खातों का पूरा एक्सेस और कंट्रोल अपने पास रखकर वे ओएलएक्स फ्रॉड समेत अन्य साइबर अपराधों से मिली रकम को ट्रांसफर और विड्रॉल करते थे।
एसटीएफ ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, जबकि बरामद फोन और डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते या दस्तावेज साझा न करें।
