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माणा गांव में सेना के जवानों और पुलिस के बीच झड़प, आर्मी मेजर समेत 10 पर केस दर्ज
चमोली के माणा गांव में वाहन चेकिंग को लेकर असम रेजीमेंट के जवानों और पुलिस के बीच मारपीट हुई। बदरीनाथ थाने में मेजर समेत 10 जवानों पर केस दर्ज।
चमोली। जिले में स्थित देश के पहले गांव माणा के पास सेना और पुलिस के जवानों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। शनिवार देर शाम बैरिकेडिंग पर वाहन चेकिंग के दौरान शुरू हुआ यह विवाद काफी बढ़ गया। पुलिस कांस्टेबल विजय सिंह की शिकायत पर बदरीनाथ थाने में 64 इंजीनियरिंग असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत और उनके 10 से अधिक साथी जवानों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे की है, जब माणा गांव के समीप पुलिस टीम बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की सघन जांच कर रही थी। कांवड़ यात्रा के कारण क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी, जिससे सड़क पर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बन रही थी। इसी दौरान असम रेजीमेंट के मेजर अनमोल प्रीत अपने वाहन से वहां पहुंचे। वाहन के कागजातों की जांच में हो रही देरी को लेकर मेजर और ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान के बीच नोकझोंक शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआती विवाद के बाद मेजर मौके से चले गए, लेकिन कुछ ही देर में वे अन्य सैन्य जवानों के साथ वापस लौटे। आरोप है कि इसके बाद जवानों ने ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के साथ हाथापाई और मारपीट की। अचानक हुई इस घटना से चेकपोस्ट के आसपास काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। वहां मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग भी सकते में आ गए।
हंगामे की सूचना मिलते ही बदरीनाथ थाने के सब-इंस्पेक्टर एक पुलिस जवान के साथ स्थिति संभालने तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि, आरोप है कि स्थिति शांत कराने की कोशिश कर रहे सब-इंस्पेक्टर और उनके साथ आए जवान के साथ भी सैन्य कर्मियों ने अभद्रता और मारपीट की। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी जवान मौके से रवाना हो गए।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस कांस्टेबल की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मामला पंजीकृत कर आगे की जांच की जा रही है। चमोली पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भी इस संवेदनशील मामले को लेकर बातचीत चल रही है ताकि क्षेत्र में शांति और समन्वय बना रहे।
