देहरादून
नीट फर्जीवाड़ा: फर्जी दस्तावेजों पर MBBS दाखिला कराने वाले 2 गिरफ्तार, 45 लाख में डील
देहरादून पुलिस ने नीट-यूजी में फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र के जरिए MBBS दाखिला दिलाने वाले गिरोह के 2 आरोपितों को किया गिरफ्तार। जानें पूरी खबर।
देहरादून। रायपुर पुलिस ने नीट-यूजी में फर्जी दस्तावेजों के जरिए एमबीबीएस (MBBS) में दाखिला दिलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यह फर्जीवाड़ा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में आरक्षित सीट हासिल करने के लिए किया गया था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्व उपनिरीक्षक कंडोली, सदर देहरादून जगदीश सिंह ने थाना रायपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, तीन अभ्यर्थियों ने फर्जी कागजातों के आधार पर ऑनलाइन सरकारी पोर्टल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान दस्तावेज और दर्ज पते पूरी तरह फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एसआईटी (SIT) का गठन किया।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने त्वरित छानबीन शुरू की। एसआईटी ने शैक्षणिक संस्थानों से साक्ष्य जुटाने के बाद मेरठ से एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाने वाले रूपेश पंडित और हरिद्वार निवासी अरविंद कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों की संलिप्तता की पुष्टि होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह एमबीबीएस में प्रति अभ्यर्थी दाखिले के एवज में 45-45 लाख रुपये की वसूली करता था। अभ्यर्थियों के परिजनों से 20-20 लाख रुपये एडवांस भी ले लिए गए थे। आरोपित रूपेश पंडित पिछले पांच सालों से ‘मेकोडो’ नाम की कंपनी चलाकर कमीशन पर दाखिला कराने का काम कर रहा था। फिलहाल एसआईटी इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
