Connect with us

अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. राकेश रफीक का निधन, उपपा ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Published

on

खबर शेयर करें 👉

वरिष्ठ आंदोलनकारी डॉ. राकेश रफीक के निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने शोक व्यक्त किया। जानिए जेपी आंदोलन से लेकर उनके संघर्ष की पूरी कहानी।

अल्मोड़ा। देश के प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक बदलाव आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रखर विचारक डॉ. राकेश रफीक का निधन हो गया है। उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक चेतना के क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने अल्मोड़ा में एक शोक सभा का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपपा के संयोजक पी. सी. तिवारी ने इसे जन आंदोलनों के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
डॉ. राकेश रफीक ने देश के ऐतिहासिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे जेपी आंदोलन के समय से ही सामाजिक और राजनीतिक क्रांति के लिए समर्पित रहे। इसके बाद उन्होंने अन्ना आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन और किसान-मजदूर संघर्षों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरुद्ध हुए देशव्यापी अभियानों में भी उनकी वैचारिक सक्रियता उल्लेखनीय रही।
उत्तराखंड के जनसरोकारों से डॉ. रफीक का गहरा और आत्मीय रिश्ता था। उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी के दिनों से ही वे राज्य के स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाते रहे। वे कई बार अल्मोड़ा और नैनीताल आकर क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते थे। जीवन के अंतिम दिनों तक वे आयुष चिकित्सालय और गांधी पार्क जैसे जनहित के मामलों पर आवाज उठाते रहे।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पी. सी. तिवारी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राकेश भाई का जाना एक मार्गदर्शक और सच्चे मित्र को खोने जैसा है। पार्टी ने उनके शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उपपा नेताओं ने संकल्प लिया कि एक बेहतर और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संघर्ष ही डॉ. राकेश रफीक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement