हरिद्वार
हरिद्वार में विश्व के पहले आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन, धामी बोले- अब संस्कृत छात्र भी बनेंगे डॉक्टर
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन किया। अब संस्कृत छात्र भी बीएएमएस (BAMS) कर आयुर्वेदाचार्य बन सकेंगे।
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व आयुर्वेद दिवस के अवसर पर हरिद्वार के ग्राम औरंगाबाद में विश्व के पहले ‘पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम्’ का भव्य उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और धन्वन्तरि वंदना के साथ हुआ। इस ऐतिहासिक पहल के तहत अब संस्कृत विषय के विद्यार्थी भी सीधे बी.ए.एम.एस. (BAMS) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर आयुर्वेदाचार्य बन सकेंगे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह संस्थान भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि गुरुकुलों में केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से निपटने और चरित्र निर्माण का संस्कार दिया जाता है। इस ऐतिहासिक निर्णय से संस्कृत के मेधावी छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर मिला है।
योग गुरु स्वामी रामदेव ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति (एलोपैथी) की अपनी सीमाएं हैं, जबकि आयुर्वेद असाध्य बीमारियों का स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि संस्कृत के विद्वानों को आयुर्वेद डॉक्टर बनने का अधिकार मिलना भारतीय चिकित्सा इतिहास में एक युगांतरकारी कदम है।
पतंजलि के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने जानकारी दी कि भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने मिलकर इस पारंपरिक गुरुकुलम् आधारित पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। इस अवसर पर पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की आधिकारिक वेबसाइट और जानकारी पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के आयुष मंत्री मदन कौशिक सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
