हरिद्वार के कवि शशि रंजन ‘समदर्शी’ को उनके गीतिका संग्रह ‘नवल विभा’ के लिए प्रतिष्ठित ‘एड. उमेश त्रिवेदी सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
हरिद्वार। जाने-माने कवि एवं साहित्यकार शशि रंजन ‘समदर्शी’ को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक कृति के लिए एक प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित एक भव्य अखिल भारतीय साहित्यकार एवं पत्रकार अलंकरण समारोह में ‘एड. उमेश त्रिवेदी सम्मान’ प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके चर्चित गीतिका संग्रह ‘नवल विभा’ के लिए दिया गया है।
यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साहित्यिक संस्था ‘कादंबरी’ द्वारा हर साल आयोजित किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित साहित्यिक महाकुंभ है। इस बड़े आयोजन में देश-विदेश के कोने-कोने से आए साहित्यकारों और पत्रकारों ने हिस्सा लिया, जहां हिंदी साहित्य और पत्रकारिता में विशिष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को उनकी उल्लेखनीय कृतियों के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान देश और विदेश के कुल 129 साहित्यकारों और पत्रकारों को उनकी साहित्यिक और पत्रकारिता संबंधी रचनाओं के लिए अलंकृत किया गया। शशि रंजन ‘समदर्शी’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उनकी वर्षों की साहित्यिक साधना, सृजनात्मक योगदान और कठिन परिश्रम की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
हरिद्वार के कवि शशि रंजन को इस सम्मान से नवाजे जाने के बाद पूरे नगर में हर्ष और उल्लास का माहौल है। स्थानीय साहित्य प्रेमियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इसे हिंदी साहित्य के क्षेत्र में हरिद्वार का गौरव बढ़ाने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। इस सफलता से क्षेत्र के अन्य युवा लेखकों और कवियों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।