उत्तरकाशी के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन से 8 लोग फंसे, रेस्क्यू में जुटी NDRF-SDRF। वहीं हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंसे 35 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
हरिद्वार। उत्तराखंड में मौसम के बदलते मिजाज और प्राकृतिक आपदाओं के बीच शनिवार को दो अलग-अलग स्थानों से बड़ी खबरें सामने आई हैं। उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन के कारण सात ट्रेकर्स और सपोर्टिंग स्टाफ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोजखड़क से आगे मार्ग अवरुद्ध होने से आठ लोग वहीं फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 13 सदस्यीय दल केदारताल के लिए रवाना हुआ था। खराब मौसम और ग्लेशियर टूटने के कारण रास्ता बंद होने पर दल समय पर वापस नहीं लौट सका। 30 अक्टूबर को संपर्क होने पर दल ने सहायता मांगी थी। इसके बाद शनिवार को एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की टीमों ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। दुर्गम क्षेत्र को देखते हुए हेलीकॉप्टर की मदद लेने का प्रयास भी किया जा रहा है।
दूसरी तरफ, हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज पर शनिवार को अचानक जलस्तर बढ़ने से एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पीछे स्थित एक टापू पर अचानक पानी का प्रवाह तेज होने से करीब 35 लोग फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही आपदा कंट्रोल रूम ने तुरंत अलर्ट जारी किया, जिसके बाद SDRF और बचाव दल मौके पर पहुंचे।
एसडीआरएफ (SDRF), जल पुलिस और 40वीं वाहिनी पीएसी (PAC) की संयुक्त टीमों ने बढ़ते जलस्तर के बीच त्वरित और समन्वित कार्रवाई की। टीमों ने टापू पर फंसे सभी 30 से 35 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। राज्य प्रशासन ने पर्वतीय और तटीय दोनों क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है तथा लोगों से सावधान रहने की अपील की है।