केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब 4 साल के बाद 75% अग्निवीरों की सेवा 2 साल बढ़ेगी और स्थायी सैनिक बनने का मौका मिलेगा।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अग्निपथ योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। नए प्रावधानों के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवामुक्त होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों का सेवा काल दो साल के लिए बढ़ा दिया जाएगा। दो साल की इस विस्तारित सेवा अवधि को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन जवानों को स्थायी सैनिक के रूप में भारतीय सेना में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल राजा सुब्रमणि ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीरों का पहला बैच अपनी मूल सेवा अवधि पूरी करने जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया नियम सेना के तीनों अंगों में पहले से सेवा दे रहे लगभग तीन लाख अग्निवीरों पर लागू होगा। हालांकि, जो नए अभ्यर्थी भविष्य में अग्निवीर योजना के तहत भर्ती होंगे, उनके लिए यह विशेष व्यवस्था लागू नहीं होगी।
योजना में किए गए इस बदलाव के बाद सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के लिए अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में मिलने वाला आरक्षण का प्रावधान समाप्त हो जाएगा। विस्तारित दो वर्षों की सेवा पूरी होने पर अग्निवीरों को 11 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी, जो चार साल की सेवा के बाद मिलने वाले वित्तीय पैकेज से अलग होगी। दो वर्षों के सेवा विस्तार के दौरान पहले साल 43,500 रुपये तथा दूसरे साल 47,500 रुपये प्रतिमाह वेतन तय किया गया है।
सीडीएस जनरल राजा सुब्रमणि ने बताया कि यह फैसला अग्निवीरों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कार्यकुशलता और जमीनी समीक्षा के बाद लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित और अनुभवी सैन्य कर्मियों को लंबे समय तक सेना में बनाए रखना है। इससे थल सेना, वायु सेना और नौसेना को न केवल अनुभवी जवानों की सेवाएं मिलेंगी, बल्कि सशस्त्र बलों का युवा ढांचा और परिचालन क्षमता भी पूरी तरह से बरकरार रहेगी।