हल्द्वानी
धन्यवाद यात्रा में एस्कॉर्ट न मिलने पर भड़के हरीश रावत, नैनीताल एसएसपी और सरकार पर साधा निशाना
धन्यवाद यात्रा के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट न मिलने पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार और नैनीताल एसएसपी पर जमकर निशाना साधा। पढ़ें पूरी खबर।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अपनी ‘धन्यवाद यात्रा’ के दौरान पुलिस एस्कॉर्ट न मिलने पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विवाद सरकार से केवल एस्कॉर्ट की मांग को लेकर नहीं है, बल्कि यात्रा के दौरान जनता और कार्यकर्ताओं को यातायात में हुई भारी असुविधा को लेकर है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रबंधन की तारीफ करते हुए कहा कि अफजलगढ़ जैसे बेहद व्यस्त और कंजस्टेड इलाके में भी यूपी पुलिस ने बिना किसी रुकावट के सैकड़ों गाड़ियों के काफिले को सुरक्षित आगे बढ़ा दिया। हालांकि, उत्तराखंड में प्रवेश करते ही जसपुर में यह व्यवस्था चरमराती दिखी और काशीपुर पहुंचते-पहुंचते पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि काशीपुर पुलिस ने अपेक्षित सहयोग देने के बजाय उनकी गाड़ियों के काफिले को अलग-अलग रास्तों में डाइवर्ट कर दिया। इस वजह से यात्रा को दोबारा एकजुट करने में ही एक से सवा घंटे का अतिरिक्त समय बर्बाद हो गया। इसके बाद रामनगर, कालाढूंगी और हल्द्वानी मार्ग पर भी स्थिति कड़वाहट से भरी रही और यात्रा तय समय से लगभग साढ़े तीन घंटे विलंब से पहुंची।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसदों को एस्कॉर्ट व विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। वह विपक्ष के एकमात्र पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें इस सुविधा से वंचित रखा गया है। उन्होंने नैनीताल के एसएसपी पर राजनीतिक पक्षपात का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक उपेक्षा के कारण ही यात्रा में लगातार देरी हुई।




