लालकुआं के पास काठगोदाम-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से कटकर युवक की दर्दनाक मौत। डेढ़ साल पहले बड़े भाई की भी ट्रेन हादसे में हुई थी मौत।
लालकुआं। क्षेत्र के मोतीनगर के पास मंगलवार शाम को एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा हो गया। काठगोदाम से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से 38 वर्षीय हरीश आगरी की मौके पर ही मौत हो गई। संदिग्ध परिस्थितियों में हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भिजवाया।
किशनपुर सकुलिया निवासी हरीश आगरी दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे और हाल ही में दीपावली का त्योहार मनाने के लिए अपने घर छुट्टी पर आए थे। मंगलवार शाम करीब चार बजे वह मोतीनगर बाजार से वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी रेलवे ट्रैक पार करते समय यह दुखद दुर्घटना घटी। हरीश अपने पीछे पत्नी और एक छोटी बेटी को छोड़ गए हैं। त्योहार की खुशियां मनाने घर लौटे युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस घटना का सबसे दुखद और मार्मिक पहलू यह है कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व इसी स्थान के समीप हरीश के बड़े भाई बिशन आगरी की भी जम्मू तवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। चार भाइयों के इस परिवार में कुछ साल पहले एक अन्य भाई का भी असमय निधन हो चुका था। अब तीन भाइयों की असमय विदाई से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
वरिष्ठ समाजसेवी बिपिन जोशी ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रशासन से प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही है।