लालकुआं सीट पर भाजपा टिकट को लेकर हलचल तेज। 8 नामों में से 6 ने रखी दावेदारी, विधायक मोहन बिष्ट की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल। पढ़ें पूरी खबर।
हल्द्वानी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले लालकुआं सीट पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। आगामी चुनाव को लेकर दावेदारों की बढ़ती सक्रियता ने पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को अचानक गरमा दिया है। हाल ही में हल्द्वानी स्थित भाजपा कार्यालय में हुई रायशुमारी के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो चुकी है। इस पूरी कवायद के दौरान कुल आठ प्रमुख नेताओं के नामों की चर्चा सामने आई है।
हल्द्वानी के कुमाऊं संभाग कार्यालय में प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनाव को लेकर क्षेत्र की स्थिति और जमीनी फीडबैक जुटाना था। संगठन ने लालकुआं क्षेत्र के आठ संभावित दावेदारों को इस रायशुमारी में आमंत्रित किया था। आमंत्रित नेताओं में से छह प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे और उन्होंने चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा स्पष्ट रखी।
रायशुमारी के दौरान वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की गैरमौजूदगी सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गई। हालांकि उनकी अनुपस्थिति का कारण निजी बताया गया है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले विधायक का इस प्रक्रिया से दूर रहना कई राजनीतिक सवाल खड़े करता है। वहीं दूसरी ओर युवा नेता दीपेंद्र कोश्यारी और गौलापार के सक्रिय नेता मुकेश बेलवाल की मौजूदगी ने माहौल को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। पूर्व विधायक नवीन दुम्का सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी दावेदारी पेश की है।
भाजपा संगठन इस रायशुमारी को केवल चुनावी फीडबैक जुटाने की सामान्य प्रक्रिया मान रहा है। इसके बावजूद संभावित दावेदारों की इतनी बड़ी संख्या ने संगठन के भीतर प्रतिस्पर्धा को खुलकर सामने ला दिया है। स्थानीय जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अब इस बात की चर्चा है कि पार्टी आखिरकार किस चेहरे पर दांव लगाएगी। लालकुआं सीट पर पुराने और नए नेताओं के बीच यह खींचतान आने वाले दिनों में और गहरा सकती है।