उत्तराखंड में भाजपा की चुनावी सरगर्मियां तेज। हल्द्वानी, कालाढूंगी, नैनीताल, लालकुआं और भीमताल सीटों पर 60 से अधिक नेताओं ने पेश की दावेदारी
हल्द्वानी। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर चुनावी सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। कुमाऊं मंडल की पांच प्रमुख विधानसभा सीटों—हल्द्वानी, कालाढूंगी, नैनीताल, लालकुआं और भीमताल में टिकट पाने के लिए पार्टी नेताओं के बीच होड़ मच गई है। इन पांचों विधानसभा क्षेत्रों से 60 से अधिक पार्टी पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों, पूर्व ब्लॉक प्रमुखों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी दावेदारी संगठन के समक्ष पेश की है।
इस सिलसिले में हल्द्वानी स्थित भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की मौजूदगी में दावेदारों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ गहन रायशुमारी की गई। इस प्रक्रिया में वर्तमान विधायकों के साथ-साथ कई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों, मोर्चा पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रमुखता से अपनी दावेदारी दर्ज कराई है। सबसे अधिक हलचल और घमासान कालाढूंगी और भीमताल सीटों पर देखने को मिल रहा है।
हल्द्वानी सीट से पूर्व मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, डॉ. अनिल कपूर डब्बू और प्रदीप बिष्ट सहित कई प्रमुख नेताओं ने दावेदारी ठोंकी है। वहीं कालाढूंगी से वर्तमान विधायक बंशीधर भगत, मेयर गजराज सिंह बिष्ट और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट दौड़ में हैं। नैनीताल सीट से विधायक सरिता आर्या, लालकुआं से विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट और पूर्व विधायक नवीन दुम्का, जबकि भीमताल सीट से कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट और ध्रुव रौतेला जैसे दिग्गज नेताओं के नाम सामने आए हैं।
भाजपा संगठन की ओर से सभी दावेदारों की सक्रियता, जनता के बीच उनकी पकड़, संगठनात्मक अनुभव और सबसे महत्वपूर्ण उनकी जीतने की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है। मदन कौशिक ने रायशुमारी के दौरान सभी पहलुओं पर पदाधिकारियों से फीडबैक लिया है। पार्टी हाईकमान इस आंतरिक फीडबैक और क्षेत्रीय समीकरणों की विस्तृत समीक्षा करने के बाद ही टिकट वितरण पर अंतिम फैसला लेगा।