कोटद्वार
कोटद्वार में हाथी का हमला: मवेशी चरा रहे बुजुर्ग को पटक-पटक कर मारा, साथी ने भागकर बचाई जान
कोटद्वार के लैंसडौन वन प्रभाग में रविवार को हाथी ने मवेशी चरा रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें मार डाला। वन विभाग की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी रोष।
कोटद्वार: लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के अंतर्गत आने वाली सुखरो बीट में रविवार को एक हाथी ने बुजुर्ग ग्रामीण पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। मृतक की पहचान शिवपुर निवासी 70 वर्षीय बृजमोहन सिंह के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे बृजमोहन सिंह अपने मित्र हेमेंद्र सिंह कंडारी के साथ जंगल में मवेशी चराने गए थे। तभी अचानक एक विशालकाय हाथी उनके सामने आ गया। इससे पहले कि दोनों संभल पाते, हाथी ने बृजमोहन पर हमला कर दिया। उनके साथी हेमेंद्र ने किसी तरह जंगल से भागकर अपनी जान बचाई और गांव वालों को घटना की जानकारी दी।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जंगल के भीतर से बृजमोहन सिंह का शव बरामद किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शी हेमेंद्र सिंह अभी भी इस भयानक मंजर को याद कर दहशत में हैं।
कोटद्वार और आसपास के इलाकों में हाथियों का उत्पात पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों और मवेशी चराने वाले रास्तों पर आने से रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। पूर्व में भी कई बार हाथियों ने फसलों और जान-माल को नुकसान पहुंचाया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जा रही है और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, ग्रामीण अब केवल मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं और हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने के लिए पुख्ता बाड़बंदी या ट्रेंच (खाई) खोदने की मांग कर रहे हैं।
