Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की अल्मोड़ा में आम बैठक 2 अगस्त को

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी 2027 चुनाव में अधिकांश सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। राज्य के मूल मुद्दों को लेकर उपपा प्रदेशभर में परिवर्तन यात्रा निकालेगी।

अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी घोषणा की है। पार्टी प्रदेश की अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और जनता के बीच ‘परिवर्तन यात्रा’ निकालेगी। अल्मोड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के केंद्रीय संयोजक पी.सी. तिवारी ने कहा कि यह यात्रा गांव-गांव जाकर नागरिकों से संवाद स्थापित करेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के मूल प्रश्नों को राजनीति के केंद्र में वापस लाना है।
पी.सी. तिवारी ने आरोप लगाया कि राज्य गठन के 26 वर्षों के बाद भी जनता की मूलभूत आकांक्षाएं अधूरी हैं। राष्ट्रीय दलों ने सत्ता तो बदली, लेकिन जल, जंगल, जमीन, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों की अनदेखी की है। महंगाई, पलायन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन ने राज्य की जनता को गहरे संकट में डाल दिया है। इन समस्याओं से निपटने के लिए एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का उद्देश्य राज्य की अस्मिता और जनसरोकारों की रक्षा के लिए सभी जनपक्षीय ताकतों को एक मंच पर लाना है। युवाओं के मुद्दे पर बात करते हुए पी.सी. तिवारी ने कहा कि प्रदेश में रोजगार का बड़ा संकट है। युवाओं को भटकाने के बजाय उनके लिए समान अवसर और रोजगार को मौलिक अधिकार बनाना समय की मांग है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुआ युवा आंदोलन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है।
पार्टी अपनी ‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए प्रदेश भर में जनआंदोलन खड़ा करने की योजना बना रही है। उपपा शुरुआत से ही किसानों, मजदूरों, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय के हक में आवाज उठाती रही है। प्रेस वार्ता में केंद्रीय प्रधान महासचिव नरेश नौड़ियाल, आनंदी वर्मा, नारायण राम और किरण आर्या समेत कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी ने आम जनता से 2027 में एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प चुनने की अपील की है।
उत्तराखंड की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का एकजुट होना राज्य के विकास के लिए एक नई दिशा साबित हो सकता है। यदि उपपा अपने अभियान के माध्यम से जनता से जुड़ाव बनाने में सफल रहती है, तो 2027 के चुनाव में मुकाबला रोचक हो जाएगा। देखना होगा कि यह परिवर्तन यात्रा राज्य के जलंत मुद्दों को कितना प्रभाव दे पाती है और जनता इस विकल्प को कितना स्वीकार करती है।

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