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देहरादून

विकासनगर: सहसपुर में गुलदार का आतंक, लकड़ी बीनने गए व्यक्ति को उतारा मौत के घाट

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विकासनगर के सहसपुर में गुलदार ने 57 वर्षीय इरफान पर हमला कर उसे मार डाला। चांदपुर जंगल में क्षत-विक्षत शव मिलने से क्षेत्र में दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट।

विकासनगर: उत्तराखंड के सहसपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह गुलदार (Leopard) के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहसपुर निवासी 57 वर्षीय इरफान मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मंगलवार सुबह वह अपने चचेरे भाई याकूब के साथ चांदपुर जंगल में सूखी लकड़ियां बीनने गया था, जहाँ घात लगाकर बैठे गुलदार ने उसे अपना निवाला बना लिया।
**खोजबीन के बाद मिला क्षत-विक्षत शव**
जंगल में लकड़ियां एकत्र करने के बाद याकूब वापस घर लौट आया, लेकिन काफी देर तक जब इरफान घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। याकूब ग्रामीणों के साथ वापस जंगल की ओर इरफान को खोजने निकला। घंटों की तलाश के बाद माता मंदिर के पास इरफान का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर साफ पता चल रहा था कि गुलदार ने उसके गले पर हमला कर उसे मौत के घाट उतारा है।
**वन विभाग ने गश्त बढ़ाई, परिजनों को मिलेगा मुआवजा**
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चौहड़पुर रेंज के रेंजर पंकज ध्यानी ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता को देखते हुए गश्त तेज कर दी गई है। वन विभाग ने जंगल की ओर जाने वाले रास्तों पर कैमरों की मदद से गुलदार को ट्रैप करने की योजना बनाई है। साथ ही, विभाग ने मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार मुआवजा देने की घोषणा की है।
**इलाके में बढ़ी दहशत**
इस घटना के बाद से सहसपुर और आसपास के गांवों में भारी डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की मौजूदगी से अब जंगल जाना और पशु चराना भी दूभर हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और विशेष रूप से अंधेरे के समय सतर्क रहें। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

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