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मानव–वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी लगाम के लिए उत्तरी गौला वन क्षेत्र में विशेष अभियान

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मुक्तेश्वर(नैनीताल)। मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से उत्तरी गौला वन क्षेत्र में विशेष कवायद तेज कर दी गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए वन क्षेत्राधिकारी विजय चन्द्र भट्ट ने बताया कि वन विभाग की टीमें सघन गश्त के माध्यम से वनों से सटे आबादी क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के माध्यम से विशेष निगरानी की जा रही है, जबकि अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को सुरक्षा के दृष्टिगत ‘स्मार्ट’ तरीके से स्कूल तक पहुंचाया जा रहा है।

वन क्षेत्राधिकारी भट्ट अपनी टीम के साथ क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में जाकर छात्र–छात्राओं को मानव–वन्यजीव संघर्ष के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। इसी क्रम में अटल आदर्श इंटर कॉलेज ढोकाने में उन्होंने अपनी टीम के साथ पहुंचकर छात्रों को गुलदार (लेपर्ड) से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुलदार से आमना–सामना होने की स्थिति में घबराने के बजाय किस प्रकार सतर्क और सुरक्षित प्रतिक्रिया करनी चाहिए तथा कौन–कौन सी सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं, जिससे जान–माल की क्षति से बचा जा सके।
वन क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों से अपने घरों के आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई रखने, घरों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और अकेले बाहर निकलने से बचने के लिए समाज को जागरूक करने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने हरतोला से ढोकाने तक लगभग 13 किलोमीटर लंबी दूरी की गश्त भी की। उन्होंने बताया जंगलो में कैमरा भी लगाए जा रहे है जिससे लेपर्ड पर नजर बनाए जा सके।
इस जागरूकता कार्यक्रम में उनके साथ वनकर्मी नर सिंह अधिकारी, पंकज सिंह, कुंदन कुमार, मोती राम, ग्राम प्रधान तरुण काण्डपाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज गैड़ा एवं अन्य शिक्षक–शिक्षिकाओं ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया।
यह जानकारी वन क्षेत्राधिकारी उत्तरी गौला, नथुवाखान विजय चन्द्र भट्ट द्वारा दी गई।

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