नैनीताल
रामनगर में वन विभाग और खैर तस्करों के बीच मुठभेड़, 16 राउंड फायरिंग
रामनगर की तराई पश्चिमी रेंज में खैर लकड़ी तस्करों और वन विभाग की टीम के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। फायरिंग के बाद तस्कर 3 बाइक छोड़कर जंगल में भाग निकले।
रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के जंगलों में शनिवार तड़के उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब वन विभाग की गश्ती टीम और खैर लकड़ी के अवैध तस्करों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई। गश्त के दौरान संदिग्ध हलचल देखकर जब वन कर्मियों ने अपराधियों की घेराबंदी की, तो अपराधियों ने खुद को घिरता देख टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
यह सनसनीखेज घटना रामनगर रेंज की गुलजारपुर बीट के अंतर्गत आने वाले एन-2 क्षेत्र में तड़के घटी। संगठित तस्कर कीमती खैर के पेड़ों को काटकर चोरी करने की नीयत से जंगल में घुसे थे। तस्करों की तरफ से अचानक फायरिंग होने पर वन विभाग की टीम ने आत्मरक्षा और अपराधियों को पकड़ने के उद्देश्य से तुरंत 16 राउंड जवाबी फायरिंग की।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रकाश चंद्र आर्य के निर्देश पर और रेंजर शेखर तिवारी के नेतृत्व में अवैध कटान रोकने के लिए विशेष रात्रिकालीन अभियान चलाया जा रहा था। वन अधिकारियों के अनुसार, वनकर्मियों की ओर से हुई तेज जवाबी कार्रवाई से घबराकर तस्कर घने जंगल और रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।
भागते समय हड़बड़ी में तस्कर अपनी 3 मोटरसाइकिलें घटनास्थल पर ही छोड़कर भाग निकले। गश्ती टीम ने मौके से तीनों वाहनों को सीज कर कब्जे में लिया और उन्हें सुरक्षित जुड़का वन परिसर में खड़ा करवा दिया है। घटना के तुरंत बाद वन कर्मियों ने अपराधियों की खोजबीन के लिए पूरे इलाके में रात भर सघन कांबिंग और तलाशी अभियान चलाया।
वन विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित वनों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आने वाले दिनों में रात्रिकालीन गश्त अभियान को और अधिक सख्त एवं व्यापक बनाया जाएगा।
