कोटद्वार
पौड़ी में भीषण त्रासदी: आँगन से डेढ़ साल की मासूम को उठा ले गया गुलदार, जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव
पौड़ी गढ़वाल के बरस्वार गाँव में गुलदार ने डेढ़ वर्षीय बच्ची को घर के आँगन से उठाकर मार डाला। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक की पत्नी का किया विरोध। पढ़ें पूरी खबर।
पौड़ी/कोटद्वार। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है। विकासखंड जयहरीखाल की ग्राम पंचायत बरस्वार में शनिवार शाम एक गुलदार ने डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची को उसके माता-पिता की आँखों के सामने उठा लिया। घंटों की मशक्कत के बाद रात करीब 9 बजे बच्ची का शव जंगल में बेहद बुरी हालत में बरामद हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है।
माता-पिता की आँखों के सामने झपट्टा
मृतक बच्ची की पहचान याशिका (पुत्री जितेंद्र) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6:30 बजे याशिका अपने माता-पिता के साथ घर के आँगन में खेल रही थी। तभी अचानक घात लगाए बैठे गुलदार ने हमला कर दिया। इससे पहले कि परिजन कुछ समझ पाते, गुलदार बच्ची को दबोचकर अंधेरे जंगल की ओर भाग गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
विधायक की पत्नी का भारी विरोध
हादसे की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत की पत्नी नीतू रावत सांत्वना देने पहुँचीं, जहाँ उन्हें ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है, लेकिन वन विभाग और शासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बता दें कि विधायक दिलीप रावत स्वयं स्वास्थ्य कारणों से 15 जनवरी से मुंबई के अस्पताल में भर्ती हैं।
वन विभाग के खिलाफ पनपा आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे बार-बार पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे अनसुना किया गया। इस लापरवाही की कीमत एक मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक आदमखोर गुलदार को ढेर या कैद नहीं किया जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे
