कोटद्वार
अंकिता भंडारी हत्याकांड: वनंतरा रिसॉर्ट पर भारी प्रदर्शन, CBI जांच की उठी मांग
अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्याय के लिए वनंतरा रिसॉर्ट के बाहर प्रदर्शन। मूल निवासी भू कानून संघर्ष समिति ने की CBI जांच और रिसॉर्ट ध्वस्त करने की मांग। जानें ताजा अपडेट।
यमकेश्वर (पौड़ी)। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। रविवार को मूल निवासी भू कानून संघर्ष समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित विवादित वनंतरा रिसॉर्ट पहुंचे। प्रदर्शनकारी इस हत्याकांड की CBI जांच और रिसॉर्ट को पूरी तरह ध्वस्त करने की मांग कर रहे थे। मौके पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था, जिससे वहां हालात तनावपूर्ण बने रहे।
प्रदर्शनकारी सुबह करीब 11 बजे रिसॉर्ट के बाहर जमा हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित भीड़ ने “अंकिता के हत्यारों को फांसी दो” और “धामी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। जब कार्यकर्ताओं ने रिसॉर्ट परिसर के भीतर घुसने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद भी मुख्य दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल पाई है।
मूल निवासी भू कानून संघर्ष समिति ने इस मुद्दे को प्रदेश के सख्त भू कानून से भी जोड़ा। समिति के सदस्यों का तर्क है कि अगर उत्तराखंड में मजबूत भू कानून होता, तो पहाड़ों में वनंतरा जैसे अवैध रिसॉर्ट का निर्माण ही संभव नहीं होता। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे इस स्थान पर अब कोई रिसॉर्ट नहीं देखना चाहते। उनके अनुसार, यह इमारत अब सिर्फ अंकिता को मिले अन्याय और कड़वी यादों का प्रतीक बनकर रह गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जांच में कई रसूखदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, रिसॉर्ट के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के जनमानस में आज भी एक गहरे जख्म की तरह बना हुआ है, जो समय-समय पर आक्रोश बनकर फूटता है।
