देहरादून
अंकिता भंडारी केस: मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष को घेरा, बोले- “बेटियों के सम्मान की रक्षा मेरा पहला कर्तव्य”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी केस में विपक्ष के सवालों पर पलटवार किया। कहा- सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सीबीआई जांच पर प्रक्रिया जारी है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच को लेकर राजनीति कर रहे विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी सरकार को बहन-बेटियों की सुरक्षा करना बखूबी आता है और इसके लिए उन्हें किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर जनता की सेवा के लिए आए हैं और प्रदेश की हर बेटी का मान-सम्मान उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी मामले में सरकार ने पहले दिन से ही संवेदनशीलता और सख्ती दिखाई है। इसी प्रभावी पैरवी का परिणाम है कि आज तीनों मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
विपक्ष द्वारा हाल ही में वायरल ऑडियो क्लिप्स और वीआईपी के नाम को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर सीएम ने कहा कि सरकार हर पहलू का अध्ययन कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अंकिता के माता-पिता ने उनसे मुलाकात कर सीबीआई जांच की इच्छा जताई थी। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार इस दिशा में सभी कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अंकिता के माता-पिता की इच्छा के अनुसार ही आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विपक्ष को आगाह किया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सच्चाई का साथ देना चाहिए। सरकार दोषियों को सजा दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
