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छुट्टी के लिए मजदूरों का गजब खेल: AI से बनाया बब्बर शेर, वन विभाग में मचा हड़कंप
यमकेश्वर में छुट्टी न मिलने पर श्रमिकों ने AI से बब्बर शेर का फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। आचार्य बालकृष्ण के अकाउंट तक पहुंची खबर। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
यमकेश्वर। उत्तराखंड के यमकेश्वर इलाके में छुट्टी पाने के लिए एक मजदूर द्वारा अपनाया गया तरीका चर्चा का विषय बना हुआ है। माला गांव स्थित धन्वंतरी धाम में काम कर रहे श्रमिकों को जब ठेकेदार ने छुट्टी नहीं दी, तो उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया। एक मजदूर ने AI टूल्स का उपयोग कर बब्बर शेर का बेहद असली दिखने वाला वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
यह वीडियो देखते ही देखते जंगल की आग की तरह फैल गया और पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) के सोशल मीडिया अकाउंट तक जा पहुंचा। वीडियो इतना वास्तविक था कि स्थानीय ग्रामीण डर के मारे घरों में दुबक गए और खुद ठेकेदार ने भी शेर आने की पुष्टि कर दी। इसका परिणाम यह हुआ कि डर के कारण काम पूरी तरह ठप हो गया और मजदूरों की ‘छुट्टी’ का रास्ता साफ हो गया।
इधर, वीडियो वायरल होते ही वन विभाग के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारी इस बात से हैरान थे कि इस इलाके में बब्बर शेर आखिर आया कहां से, क्योंकि यह क्षेत्र उनका प्राकृतिक आवास नहीं है। लालढांग रेंज और राजाजी टाइगर रिजर्व (Rajaji Tiger Reserve) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और सघन तलाशी अभियान शुरू किया। कई घंटों तक अधिकारी ‘सवालों के जंगल’ में भटकते रहे।
शनिवार को जब टीमों ने श्रमिकों से सख्ती से पूछताछ की, तो सारा सच सामने आ गया। जांच में पता चला कि यह केवल छुट्टी पाने के लिए रचा गया एक डिजिटल षड्यंत्र था। लैंसडौन वन प्रभाग के एसडीओ सुधीर कुमार ने पुष्टि की है कि किसी शेर की मौजूदगी नहीं थी और यह केवल एक फर्जी वीडियो था। अब इलाके में शांति है, लेकिन एआई का यह दुरुपयोग प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है।
