अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
अल्मोड़ा में बंदर का शिकार करने पेड़ पर चढ़ा गुलदार, 20 मिनट तक चली ‘गुर्राहट की जंग’
अल्मोड़ा के ब्राइटन कार्नर के पास एक गुलदार बंदर का शिकार करने सीधे पेड़ पर चढ़ गया। करीब 20 मिनट तक दोनों के बीच चली लुकाछिपी। पूरी खबर पढ़ें।
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार (तेंदुए) का आबादी वाले इलाकों के आसपास दिखना अब बेहद आम बात हो चुकी है। लेकिन अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से एक ऐसा हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरत में डाल दिया है। यहां मुख्यालय के ब्राइटन कार्नर के पास करबला से सटे जंगल में एक गुलदार बंदर का शिकार करने के लिए सीधे एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। इस अनोखे और डरावने नजारे को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक खूंखार गुलदार एक बंदर का पीछा करते हुए बेहद तेजी के साथ पेड़ के ऊपर तक चढ़ गया। इसके बाद पेड़ की अलग-अलग डालियों पर गुलदार और बंदर करीब 15 से 20 मिनट तक आमने-सामने रहे। बंदर ने अपनी गजब की फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचाए रखा और गुलदार को लगातार छकाते रहा। आखिरकार बंदर की चालाकी के आगे गुलदार का हर दांव पूरी तरह खाली चला गया।
पेड़ पर चढ़ने की फुर्ती दिखाने वाले इस भारी-भरकम गुलदार को नीचे उतरने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बंदर को न पकड़ पाने के बाद गुलदार करीब एक घंटे तक पेड़ की डालियों पर ही फंसा रहा। नीचे खड़े लोगों के शोर और डर के बीच वह किसी तरह धीरे-धीरे नीचे उतरा और तेजी से घने जंगल की ओर भाग गया। गुलदार के जंगल में वापस जाने के बाद ही स्थानीय प्रशासन और वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
इस हैरान करने वाली घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में काफी डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों ने रिहायशी इलाकों में गुलदार की लगातार बढ़ती सक्रियता पर गहरी चिंता जताई है। स्थानीय जनता ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त (निगरानी) बढ़ाने और पिंजरा लगाने की पुरजोर मांग की है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों ने भी सुरक्षा के लिहाज से लोगों को अकेले जंगलों की तरफ न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
