Report by : CWN Desk
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रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे का विवाद सुलझा, पंजाब रवाना हुए पांचों निहंग

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नगरासू गुरुद्वारे में चार दिनों से चल रहा विवाद मंगलवार को खत्म हो गया। पंजाब से आए शिष्टमंडल की वार्ता के बाद निहंग वापस लौट गए हैं।

रुद्रप्रयाग। जनपद के नगरासू गुरुद्वारे में पिछले चार दिनों से चला आ रहा गतिरोध मंगलवार को पूरी तरह समाप्त हो गया। पंजाब से आए आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय शिष्टमंडल और स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच हुई लंबी वार्ता के बाद यह विवाद शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। इसके बाद गुरुद्वारे में रुके पांचों निहंगों को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस पंजाब के लिए रवाना कर दिया गया है।
मंगलवार सुबह 10 बजे से ही गुरुद्वारा परिसर में सरगर्मी काफी बढ़ गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इस दौरान गुरुद्वारे के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया। पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे सतज्ञानी हरनाम सिंह खालसा भिंडरावाले और आनंदपुर पंजाब से आए जत्थेदार बाबा अजीत सिंह की मौजूदगी में आठ सदस्यीय दल वहां पहुंचा।
इसके बाद गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। गहन विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्ष सभी बिंदुओं पर सहमत हो गए। शाम चार बजे पांचों निहंगों को पुलिस सुरक्षा के बीच पंजाब भेज दिया गया। इनमें से चार निहंग दो मोटरसाइकिलों पर जबकि एक निहंग अन्य वाहन से रवाना हुआ।
आनंदपुर पंजाब से आए जत्थेदार बाबा अजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि वे सभी क्षेत्र में शांति व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में रहने वाले सभी लोग हमारे भाइयों की तरह हैं। निहंगों में केवल कर्णप्रयाग की पिछली घटना को लेकर थोड़ा आक्रोश था। गुरुद्वारे पर अवैध कब्जे की बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
जत्थेदार ने आगे कहा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है और पुलिस-प्रशासन अपना काम पूरी निष्पक्षता से कर रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिसिया कार्रवाई के डर से निहंग छत पर चढ़ गए थे, जिसे गलत संदर्भ में लिया गया। अब मामला पूरी तरह शांत है और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।

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