रामनगर की पुछड़ी बस्ती में कोसी नदी किनारे 14 हेक्टेयर वन भूमि पर प्रशासन का बुलडोजर चला। 86 पक्के मकान ध्वस्त कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
रामनगर। उत्तराखंड के रामनगर में प्रशासन ने कोसी नदी किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की है। पुछड़ी बस्ती में तड़के सुबह पांच बजे शुरू हुए अभियान में वन विभाग की लगभग 14 हेक्टेयर भूमि पर बने 86 पक्के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। सुबह की पहली किरण फूटने के साथ ही पूरे इलाके में दर्जनों मशीनों का शोर गूंजने लगा।
प्रशासन के अनुसार वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने और पूर्व में मुनादी कराने के बाद इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। पूरे प्रभावित क्षेत्र को 14 सेक्टरों में विभाजित कर एक साथ जेसीबी और बुलडोजर उतारे गए थे। देखते ही देखते वर्षों से जमे अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह जमींदोज कर कब्जामुक्त कराई गई भूमि वन विभाग को वापस सौंप दी गई है।
इस अवैध कब्जे के मामले में ताहिर मुल्ला नामक व्यक्ति पर वन भूमि को अवैध रूप से बेचकर बस्ती बसाने के गंभीर आरोप लगे हैं। वन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं, हालांकि संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि पूरे इलाके को दो सुपर जोन, सात जोन और छह बैरियर में बांटकर पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट, पांच एएसपी, छह सीओ और पीएसी की तीन कंपनियां तैनात की गई थीं। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पुछड़ी क्षेत्र में वन भूमि को सुरक्षित करने का अभियान निर्णायक चरण में पहुंच गया है।