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नई दिल्ली

बच्चों के हुनर को पहचान कर कोशलम  से जोड़ने का करे प्रयास  : बीईओ बिष्ट

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खंड स्तर पर तीन स्कूलो का किया गया है चयन

9वी से 12 वी तक  के बच्चों देनी है कोशलम की शिक्षा

धानाचूली(नैनीताल)। यहां स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र बीआरसी के सभागार में आयोजित कोशलम प्रशिक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट ने शिक्षकों को चयन विद्यालयो के उन छात्र -छात्रों   की रुचि जानकर उन्हें कोशलम पाठ्यक्रम से जोड़ बेहतर प्रयास करने होंगे । जिससे  वह  भविष्य में अपनी आजीविका चलाने के साथ  दुसरो को भी  रोजगार देने में सक्षम बन सके।

बुधवार को बीआरसी में चल रहे कोशलम प्रशिक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी धारी अंशुल बिष्ट, छात्र-छात्राओं के साथ उन शिक्षक शिक्षिकाओं से रूबरू हुए जो इस कोशलम पाठ्यक्रम का भाग बनने जा रहे है। श्री बिष्ट ने बच्चो द्वारा बनाई गई कला कृतियो की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अभी शिक्षक भी इस कोशलम पाठ्यक्रम को समझ व सीख रहे है। वर्तमान मे  खंड स्तर पर तीन विद्यालयो का चयन किया गया है। जिनमे राइंका गुनियालेख, पहाड़पानी औऱ चौरलेख शामिल है। कोशलम में कक्षा 9 के बच्चो से शुरुआत की जा रही है। जो 12 वी तक चलेगी। इस चार वर्षों में बच्चों की रुचि को जानना, उनमे उस कौशल के बारे में जानकारी देना, और उसके लिए अकेले या संगठन के माध्यम के आजीविका का स्रोत बनाने के अलावा वित्तिय समावेश करने की जानकारी प्रदान करना है। जिससे बच्चा अपने लिए खुद रोजगार पैदा कर सकेगा।

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बीईओ बिष्ट ने बताया इस चार वर्ष बच्चों को पढ़ाई के साथ उसकी कौशल का विकास करना लक्ष्य है। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट, ट्रेनर गौरी शंकर कांडपाल, दीपा रैक्वाल, अजित, सहित कई शिक्षकों के साथ छात्र- छात्राएं मौजूद रही।

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