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नई दिल्ली

उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, बिंदुखत्ता को मालिकाना हक और मदरसा अनुदान बंद

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मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी। बिंदुखत्ता को भूमिधरी अधिकार और मदरसा बजट बंद करने का बड़ा फैसला।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में 10 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। सरकार ने इस बैठक में विकास, कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुधारों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। कैबिनेट के इन निर्णयों से जहां लंबे समय से लंबित पड़ी जनभावनाओं को सम्मान मिला है, वहीं प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।


इस बैठक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला बिंदुखत्ता, बाबू ग्राम और चौवन बग्गा के निवासियों को लेकर रहा। सरकार ने इन क्षेत्रों के निवासियों को भूमिधरी अधिकार यानी मालिकाना हक देने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ने इस जटिल प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
शिक्षा और धार्मिक नीति के मोर्चे पर भी कैबिनेट ने एक बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को मिलने वाली अनुदान योजना के बजट मानक मद को पूरी तरह समाप्त करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, पिथौरागढ़ के मढ़धुरा में बन रहे ‘नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान’ को विस्तार देने के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को ट्रांसफर कर दी गई है।
कर्मचारियों और पर्यटन क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने उदारता दिखाई है। उत्तराखंड राज्य भण्डारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को अब सातवें वेतनमान का लाभ मिलेगा, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इसके अलावा, राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग / क्याकिंग संशोधन नियमावली, 2026’ को भी हरी झंडी दे दी गई है।
हरिद्वार में होने वाले आगामी कुम्भ मेला 2027 की पारदर्शिता के लिए समवर्ती लेखा परीक्षा (कन्करेंट ऑडिट) के पदों को मंजूरी दी गई है। साथ ही युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए 7 पदों के साथ एक विशेष पीएमयू (Project Management Unit) का गठन किया जाएगा। कैबिनेट के इन चौतरफा फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार विकास और अनुशासन दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

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