नई दिल्ली
नवापारा-राजिम में एकल अभियान का 10 दिवसीय व्यास कथाकार चैतन्य वर्ग संपन्न
नवापारा-राजिम में एकल अभियान के तहत 48 व्यास कथाकारों का 10 दिवसीय चैतन्य वर्ग संपन्न हुआ। वनवासी क्षेत्रों में संस्कार शिक्षा और राष्ट्र प्रेम जगाने पर जोर।
छत्तीसगढ़। नवापारा-राजिम स्थित लोमस ऋषि आश्रम के पास 10 दिवसीय राज्य स्तरीय ‘व्यास कथाकार चैतन्य वर्ग’ का समापन हुआ। एकल अभियान के तहत आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में बस्तर, सरगुजा, राजनांदगांव, बिलासपुर और रायगढ़ के 48 चुनिंदा व्यास कथाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वनवासी क्षेत्रों में हरि कथा के माध्यम से संस्कार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्राम विकास का प्रचार करना है।
समापन समारोह में संस्कार शिक्षा के संभाग सचिव श्री वासनेय जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ स्वामी उमेशानंद जी, संजय साहू, गिरधारी अग्रवाल, नगर कार्यवाह सनत चौधरी और मुख्य वक्ता के रूप में नगरपालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी मंच पर मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने कथाकारों को समाज में जागृति लाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले व्यास कथाकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शिविर में उन्हें महापुरुषों की जीवनियों के माध्यम से प्रभावी ढंग से हरि कथा प्रस्तुत करने का ज्ञान मिला। अतिथियों ने कथाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वे वनवासी भाई-बहनों के बीच देव भक्ति और देश भक्ति की भावना का संचार करेंगे, जिससे राष्ट्र प्रेम और सामाजिक समरसता मजबूत होगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी 48 व्यास कथाकारों को नगरपालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी द्वारा वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और एकल अभियान के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सेवा भारती के कार्यकर्ता जगदीश ने किया और आभार प्रदर्शन प्रफुल्ल दुबे ने किया।
