देहरादून
उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: चारधाम यात्रा बीमा, नौकरी आरक्षण और साक्षरता पर मुहर
सीएम धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने नौकरियों में आंदोलनकारी आरक्षण, चारधाम यात्रा पशु बीमा और पूर्ण साक्षर राज्य पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में युवाओं, पशुपालकों, सरकारी कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए 13 प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन नीतिगत निर्णयों से प्रदेश में रोजगार, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्रों को नई गति मिलेगी।
कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से जुड़ा है। सरकार ने कनिष्ठ सहायक और पुलिस आरक्षी जैसी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की विशेष छूट दी है। इसके अलावा, उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य हेतु समान वेतन’ की पात्रता तिथि को संशोधित कर 15 अक्टूबर 2024 निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भी कैबिनेट ने एक बड़ा संवेदनशील निर्णय लिया है। केदारनाथ और यमुनोत्री मार्ग पर चलने वाले करीब 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि अब राज्य सरकार खुद वहन करेगी। पशुपालकों को राहत देने वाली इस योजना के लिए सरकार ने ₹105 लाख का वित्तीय भार उठाने की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य में गौ-वंशीय पशुओं के भ्रूण प्रत्यारोपण की पायलट परियोजना को भी हरी झंडी दिखाई गई है।
शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तराखंड को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मानकों के आधार पर ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ (Fully Literate State) घोषित करने की मंजूरी मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य के सुगंधित और हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई में अत्याधुनिक एएमएस (AMS) मशीन के संचालन हेतु विशेषज्ञ पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। मध्य पूर्व संकट के कारण बढ़े डामर (बिटुमिन) के दामों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों को मूल्य समायोजन (Price Adjustment) की राहत भी दी गई है।
कैबिनेट के इन बहुआयामी फैसलों का राज्य के विभिन्न संगठनों और जनता ने स्वागत किया है। लंबे समय से लंबित किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना पर पड़ोसी राज्यों के बीच आपसी सहमति बनने पर कैबिनेट ने केंद्र सरकार का विशेष आभार जताया। इन निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
