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देहरादून

स्वदेशी ही आत्मनिर्भर भारत की नींव: मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने “आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी संकल्प, हर घर स्वदेशी-घर-घर स्वदेशी” अभियान की शुरुआत की और लोगों से इसे अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है। यह अभियान उस संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वदेशी का मतलब केवल आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के प्रति सम्मान भी है। यह मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में जीएसटी की दरों में संशोधन किया, जिसका लाभ आम जनता और व्यापारियों तक पहुंचा है। स्वयं उन्होंने अनेक स्थानों पर जाकर लोगों से संवाद किया और पाया कि इसके प्रति सबमें उत्साह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने “वोकल फॉर लोकल” से लेकर “मेक इन इंडिया” तक कई अभियानों के माध्यम से स्वदेशी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
धामी ने कहा कि आज स्वदेशी का स्वरूप केवल खादी या मिट्टी के दीयों तक सीमित नहीं रहा। अब इसमें ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमान, सेमीकंडक्टर, डिजिटल इंडिया और यूपीआई जैसी आधुनिक तकनीकें भी शामिल हैं। इसका असर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने तक नजर आया। कोविड संकट के दौरान पीपीई किट और वैक्सीन निर्माण भी भारत की स्वदेशी शक्ति का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए “हाउस फार हिमालयाज” नामक अंब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जिसकी गुणवत्ता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ ही युवाओं को स्टार्टअप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्वदेशी उद्यमिता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवरात्र, दशहरा, दीपावली और विवाह जैसे अवसरों पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीद में लोगों को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए हमें अपने जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना होगा। यह न केवल देश की आर्थिक मजबूती का आधार बनेगा, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की सच्ची भावना भी होगी।

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