हल्द्वानी में नैनीताल-बरेली मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन का बुलडोजर चला। 8-9 महीने की नोटिस के बाद तीनपानी से काठगोदाम तक हटे 30 अतिक्रमण।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में लंबे समय से लंबित सड़क चौड़ीकरण की राह में रोड़ा बने अवैध निर्माणों पर आखिरकार प्रशासन का चाबुक चल ही गया। महीनों की मोहलत, लगातार नोटिस और सख्त चेतावनियों को दरकिनार करने वालों के खिलाफ गुरुवार को प्रशासन ने कठोर कार्रवाई की। तीनपानी से लेकर नरीमन चौराहे होते हुए काठगोदाम तक चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत जेसीबी के पीले पंजे ने करीब 25 से 30 अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन और उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (UUSDA) की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
नैनीताल-बरेली मार्ग हल्द्वानी का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण हाईवे माना जाता है, जिस पर दिन-रात भारी वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही रहती है। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि इस प्रमुख मार्ग पर वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण लगातार भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है। शहरवासियों और बाहरी यात्रियों को इस रोजाना के ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत दिलाने के लिए सड़क का चौड़ीकरण बेहद आवश्यक हो गया था। इसी वजह से प्रशासन ने सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अवैध रूप से बने पक्के और कच्चे कब्जों को हटाने का फैसला लिया।
प्रशासन के अनुसार, इस मार्ग पर काबिज दुकानदारों और भवन स्वामियों को आठ से नौ महीने पहले ही स्वयं कब्जा हटाने के लिए लिखित नोटिस जारी कर दिए गए थे। इसके अलावा, मानवी संवेदनाओं, बरसात के मौसम और हाल ही में संपन्न हुए दशहरे के प्रमुख त्योहार को ध्यान में रखते हुए उन्हें पर्याप्त अतिरिक्त समय भी दिया गया था। हालांकि, समयसीमा पूरी तरह बीत जाने के बाद भी जब लोगों ने खुद से अतिक्रमण नहीं हटाया, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनहित में सड़क चौड़ीकरण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया।
इस कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, तहसीलदार कुलदीप पांडे और UUSDA के परियोजना प्रबंधक गुरप्रीत देओल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि सड़क के शेष हिस्सों पर मौजूद अतिक्रमण को भी बहुत जल्द हटाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि संबंधित लोगों ने तय समयसीमा के भीतर खुद से अवैध कब्जे नहीं हटाए, तो शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद प्रशासन दोबारा बुलडोजर चलाकर पूरे क्षेत्र को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराएगा।
हल्द्वानी के इस बेहद व्यस्त मार्ग पर अतिक्रमण हटने और सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा होने से निश्चित तौर पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। काठगोदाम और नैनीताल जाने वाले पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी आए दिन लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलेगी। अब यह देखना बाकी है कि UUSDA और स्थानीय प्रशासन इस निर्माण कार्य को कितनी तेजी से पूरा करते हैं, ताकि शहरवासियों को सुगम और सुरक्षित यातायात की सुविधा जल्द से जल्द मिल सके।