गुजरात के राजकोट सिविल अस्पताल से रूह कंपा देने वाला वीडियो वायरल। व्हीलचेयर न मिलने पर बुजुर्ग महिला खुद अपने बीमार पति का स्ट्रेचर खींचने को मजबूर हुई।
नई दिल्ली। गुजरात के राजकोट सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली एक बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग महिला, जो खुद ठीक से चलने में असमर्थ दिख रही हैं, अपने गंभीर रूप से बीमार पति का स्ट्रेचर खींचती नजर आ रही हैं।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और कर्मचारियों की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग महिला ने अपने पति के इलाज के लिए अस्पताल के कर्मचारियों से वार्ड बॉय और स्ट्रेचर की मदद मांगी थी। काफी देर तक गुहार लगाने के बावजूद जब उन्हें कोई सहायता नहीं मिली, तो मजबूरन महिला को खुद ही भारी स्ट्रेचर खींचकर आगे बढ़ना पड़ा।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। लोग इस घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही की कड़ी निंदा कर रहे हैं। आम जनता का कहना है कि जहां एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती है, वहीं जमीनी स्तर पर मरीजों और उनके परिजनों को इस तरह की लाचारी झेलनी पड़ती है।
मामले तूल पकड़ने के बाद सिविल अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और सफाई पेश की। सिविल अस्पताल के अकाउंट्स ऑफिसर एम.एस. रॉय ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में ऐसा होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सहायता के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात रहता है, इसलिए इस तरह की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न नहीं होनी चाहिए थी।
अस्पताल प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। एम.एस. रॉय ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात संबंधित एजेंसियों, वार्ड बॉय और कर्मचारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में जो भी व्यक्ति या एजेंसी दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज को ऐसी अमानवीय स्थिति का सामना न करना पड़े।