दिल्ली के द्वारका में डॉक्टरों ने गंभीर सड़क हादसे के शिकार 27 वर्षीय युवक की जटिल न्यूरोसर्जरी कर खोपड़ी को पुनर्गठित किया और उसे नया जीवन दिया।
नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल में मेडिकल साइंस का अद्भुत चमत्कार देखने को मिला है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक 27 वर्षीय युवक को डॉक्टरों की टीम ने नया जीवन दिया है। हादसे के कारण युवक के सिर में बेहद गंभीर चोटें आई थीं। उसकी स्थिति इतनी नाजुक थी कि मरीज की जान पर सीधा खतरा बना हुआ था।
जांच में सामने आया कि मरीज के दिमाग के अंदर कई जगहों पर तेज खून बह रहा था। इसके अलावा उसके दिमाग में भारी सूजन आ गई थी और दिमाग की ‘मिडलाइन’ अपनी तय जगह से खिसक चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार के अतिरिक्त नुकसान को रोकने के लिए तुरंत आपातकालीन सर्जरी करना बहुत जरूरी हो गया था।
अस्पताल में न्यूरोसर्जरी के प्रमुख डॉ. अनुराग सक्सेना के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत कमान संभाली। डॉक्टरों ने सफल सर्जरी करके दिमाग में जमे खून के थक्कों को बाहर निकाला और मस्तिष्क पर पड़ रहे दबाव को कम किया। गहन देखभाल (ICU Care) और लंबे समय तक चली रिकवरी प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति में सुधार आया।
इसके बाद मरीज की दूसरी महत्वपूर्ण सर्जरी की गई। इस सर्जरी के दौरान, पहली जान बचाने वाली प्रक्रिया के समय सुरक्षित रखी गई मरीज की अपनी ही हड्डी का इस्तेमाल करके उसकी खोपड़ी को फिर से तैयार किया गया। अब मरीज पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ होने की राह पर है। डॉक्टरों का यह प्रयास चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है।