विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर बंद होंगे। शीतकाल में श्रद्धालु मुखबा स्थित गंगा मंदिर में मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे।
उत्तरकाशी। विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए आगामी 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर विधि-विधान के साथ बंद किए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा स्थित गंगा मंदिर में कर सकेंगे। रामनवमी के शुभ अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाटबंदी का शुभ मुहूर्त निकाला।
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल और सचिव सुरेश सेमवाल ने कपाटबंदी के समय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार 10 नवंबर को अमृत बेला में अभिजीत मुहूर्त पर दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद किए जाएंगे। कपाटबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली मुखबा के लिए रवाना होगी।
कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली पारंपरिक जलसे के साथ मुखबा गांव पहुंचेगी। शीतकाल के दौरान अगले छह महीनों तक मां गंगा की नित्य पूजा-अर्चना मुखबा स्थित गंगा मंदिर में ही संपन्न होगी। श्रद्धालु पूरे शीतकाल में मुखबा पहुंचकर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र में शीतकालीन धार्मिक परंपराओं का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मां गंगा की डोली के मुखबा पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहेगा।