हल्द्वानी में नशीले इंजेक्शन और चंपावत में डी-फर्मा धारक 2770 नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया मामला।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी और चंपावत जिलों में नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में नशीले इंजेक्शन और भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयों के साथ तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों ही मामलों में पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क और सोर्स की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।
पहला मामला कुमाऊं के बड़े व्यापारिक केंद्र हल्द्वानी का है, जहाँ पुलिस ने नशे के इंजेक्शनों की खरीद-फरोख्त के आरोप में इंद्रानगर निवासी मो. असलम उर्फ शानू को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह 200 रुपये प्रति सेट में इंजेक्शन खरीदकर उन्हें 400 रुपये में आगे बेचता था।
घटना 23 अक्टूबर की रात की है जब उपनिरीक्षक संजीत राठौड़ चीता पुलिसकर्मियों के साथ रमन मार्केट और भोलानाथ गार्डन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। पुलिस को देखकर एक संदिग्ध व्यक्ति थैली लेकर भागने लगा जिसे कुछ ही दूरी पर दबोच लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से बुप्रेनॉर्फिन के 10 इंजेक्शन और एविल की 10 शीशियां बरामद हुईं। आरोपी ने बताया कि वह ये इंजेक्शन इंद्रानगर छोटी रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर से लाया था। वैध दस्तावेज न मिलने पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, दूसरा मामला चंपावत जिले के बनबसा से सामने आया है, जहाँ एक हैरान करने वाली बात यह है कि दवाइयों की पूरी जानकारी रखने वाला डी-फर्मा (D.Pharm) धारक ही नशीली दवाओं की तस्करी में संलिप्त पाया गया है। बनबसा पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चेकिंग के दौरान एक स्विफ्ट कार से 2770 नशीले कैप्सूल और टैबलेट बरामद किए और बरेली के रहने वाले आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि 23 अक्टूबर को धनुषपुल चौकी के पास चेकिंग के दौरान खटीमा की ओर आ रही एक स्विफ्ट कार की तलाशी ली गई। कार चालक विक्रम सिंह (निवासी महोलिया, बहेड़ी, बरेली) के पास से बैग में 2770 प्रतिबंधित कैप्सूल और गोलियां बरामद हुईं। मौके पर औषधि निरीक्षक हर्षिता को बुलाकर तकनीकी जांच कराई गई, जिसमें ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल जैसी नियंत्रित दवाइयां शामिल पाई गईं। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कुमाऊं क्षेत्र में इन दवाओं की सप्लाई करता था और उसने यह खेप पीलीभीत के एक डिस्ट्रीब्यूटर से खरीदी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है।