एलन मस्क की कंपनी टेसला ने नई जनरेशन की रोडस्टर स्पोर्ट्स कार का प्रदर्शन किया है। इसमें स्पेसएक्स की रॉकेट तकनीक से जुड़ा सिस्टम दिखाया गया, जिसकी मदद से कार ने हवा में कलाबाजी की। हालांकि, यह आम लोगों के लिए उपलब्ध उड़ने वाली कार अभी नहीं है।
अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी टेसला ने अपनी नई जनरेशन की रोडस्टर स्पोर्ट्स कार पेश कर ऑटोमोबाइल की दुनिया में नई चर्चा शुरू कर दी है। कंपनी के प्रमुख एलन मस्क ने इस कार के प्रदर्शन के दौरान इसकी ऐसी क्षमताएं दिखाईं, जिनकी वजह से इसे उड़ने वाली कार कहा जा रहा है। प्रदर्शन में कार को हवा में उछलते और घूमते हुए दिखाया गया। इस तकनीक में एलन मस्क की दूसरी कंपनी स्पेसएक्स से जुड़ी रॉकेट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि, इसे पूरी तरह विकसित होकर बाजार में बिकने वाली सामान्य उड़ने वाली कार समझना सही नहीं होगा। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, यह एक हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार है, जिसमें विशेष थ्रस्टर सिस्टम के जरिए हवा में सीमित समय के लिए उड़ने जैसी गतिविधियां दिखाई गई हैं। टेसला ने इसके उत्पादन की शुरुआत 2028 में करने की योजना बताई है। भारत में इसकी लॉन्चिंग और कीमत को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
टेसला रोडस्टर में क्या है खास?
टेसला की नई रोडस्टर का सबसे चर्चित पहलू इसका रॉकेट तकनीक से जुड़ा सिस्टम है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कार में उच्च दबाव वाली गैस के इस्तेमाल से थ्रस्ट पैदा करने वाली तकनीक दिखाई गई। इसी के सहारे प्रदर्शन के दौरान कार ने हवा में उछाल और कलाबाजी जैसी गतिविधियां कीं।
यह तकनीक सामान्य कारों से अलग है। आम इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी से चलने वाली मोटर पहियों को घुमाती है और वाहन सड़क पर चलता है। रोडस्टर के विशेष संस्करण में हवा में गति पैदा करने के लिए अलग तरह का सिस्टम इस्तेमाल करने की बात सामने आई है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस तकनीक के जरिए कार कितनी देर तक हवा में रह सकती है, कितनी ऊंचाई तक जा सकती है और वास्तविक परिस्थितियों में इसे किस तरह संचालित किया जाएगा। प्रदर्शन में दिखाई गई क्षमता और रोजमर्रा के इस्तेमाल की तकनीक में बड़ा अंतर हो सकता है।
स्पेसएक्स की तकनीक से कैसे उड़ेगी कार?
स्पेसएक्स रॉकेट और अंतरिक्ष तकनीक पर काम करती है, जबकि टेसला इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जानी जाती है। एलन मस्क की इन दोनों कंपनियों की तकनीक को जोड़ने का विचार रोडस्टर को चर्चा में ला रहा है।
क्या यह सड़क पर भी चलेगी?
रोडस्टर को एक इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के रूप में पेश किया गया है। इसके विशेष रॉकेट संस्करण में हवा में उछलने और करतब दिखाने जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कार सामान्य सड़कों पर उड़ते हुए सफर कर सकेगी।
इस तरह के वाहन के लिए सुरक्षा, तकनीकी विश्वसनीयता और विमानन तथा सड़क परिवहन से जुड़े नियमों का पालन जरूरी होगा। सार्वजनिक सड़कों पर उड़ने की अनुमति और व्यावसायिक इस्तेमाल की स्थिति को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं।
कब शुरू होगा उत्पादन और कितनी होगी कीमत?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टेसला रोडस्टर का उत्पादन 2028 में शुरू करने की योजना है। इसका मतलब है कि प्रदर्शन में दिखाई गई कार को तुरंत खरीदकर इस्तेमाल करने की स्थिति अभी नहीं है।
कार की कीमत, अलग-अलग संस्करणों की अंतिम विशेषताओं और ग्राहकों को डिलीवरी की तारीखों के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। रॉकेट तकनीक वाले विशेष संस्करण की उपलब्धता भी सीमित हो सकती है। भारत में इसकी बिक्री, कीमत और लॉन्च की तारीख को लेकर कंपनी की ओर से स्पष्ट घोषणा का इंतजार करना होगा।
क्या सच में उड़ने वाली कारों का दौर शुरू हो गया?
टेसला रोडस्टर का प्रदर्शन भविष्य की परिवहन तकनीक के लिहाज से दिलचस्प है, लेकिन इसे उड़ने वाली कारों के आम इस्तेमाल की शुरुआत कहना जल्दबाजी होगी। वास्तविक उड़ने वाले वाहनों को सुरक्षित उड़ान, नियंत्रण, आपातकालीन स्थिति में संचालन और नियामक मंजूरी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल टेसला की रोडस्टर को रॉकेट तकनीक से लैस इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार कहना अधिक सटीक है। इसके प्रदर्शन ने उड़ने वाली कारों की संभावनाओं पर चर्चा जरूर बढ़ाई है, लेकिन आम लोगों के लिए इसकी उपलब्धता और वास्तविक उड़ान क्षमता का पता आगे के परीक्षणों और आधिकारिक जानकारियों से ही चलेगा।