अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी रविता और अमरदीप की सजा पर फैसले का इंतजार जारी है। लंच के बाद अदालत सजा का ऐलान कर सकती है।
मेरठ। अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की सजा पर शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अदालत का फैसला आना है। बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में हुए इस चर्चित हत्याकांड में दोनों को 7 अक्टूबर को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया गया था। शुक्रवार को अदालत में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दोपहर के भोजनावकाश के बाद किसी भी समय सजा का ऐलान हो सकता है।
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दोनों पक्षों की बहस पूरी
अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई। अब सजा को लेकर अदालत के फैसले का इंतजार है। सरकारी वकील ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की।
रविता ने कहा- कोर्ट के फैसले का सम्मान करूंगी
सजा सुनाए जाने से पहले रविता ने अदालत के फैसले का सम्मान करने की बात कही। उसने कहा उसे पति की हत्या का कोई पछतावा नहीं है। वहीं, अमरदीप ने मीडिया के सवालों पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
अभियोजन ने शबनम केस का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने शबनम हत्याकांड का हवाला देते हुए रविता और अमरदीप के लिए कड़ी सजा की मांग की। अभियोजन पक्ष का कहना है कि हत्या की साजिश रचकर वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने का प्रयास किया गया था।
कोर्ट परिसर में पुलिस बल तैनात
सजा के ऐलान को देखते हुए अदालत परिसर के बाहर पुलिस बल मौजूद रहा। वकीलों और मृतक के परिजनों की नजरें फैसले पर टिकी हैं।
करीब 17 महीने से जेल में बंद हैं दोनों दोषी
रविता और अमरदीप इस मामले में करीब 17 महीने से जेल में बंद हैं। अमित के परिजन भी अदालत पहुंचे। परिवार की ओर से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन उसका शव बिस्तर पर मिला। शव के नीचे जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप मिलने के बाद शुरुआत में मौत को सर्पदंश का मामला बताया गया।
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई। जांच में गला दबाकर हत्या करने और वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश के साक्ष्य सामने आए। पुलिस ने जांच के बाद पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया।
अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया था।